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250 करोड़ का जुर्माना! DPDP Act 2023: किस पर लगेगी ये भारी पेनाल्टी?

NakedPact संपादकीय समिति
Reviewer: Carmelo G.
Comitato Editoriale NakedPact
12 जून 2026
10 min di lettura
250 करोड़ का जुर्माना! DPDP Act 2023: किस पर लगेगी ये भारी पेनाल्टी?

क्या आप जानते हैं कि DPDP Act 2023 के तहत 250 करोड़ रुपये (लगभग 30 मिलियन डॉलर) का जुर्माना किस पर लग सकता है?

यह जुर्माना सिर्फ कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि उनके डेटा फिड्यूशियरी, प्रोसेसर और यहां तक कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स पर भी लग सकता है। अगर आप किसी संगठन में डेटा हैंडल करते हैं, तो यह आपके लिए अलर्ट है।

DPDP Act 2023: जुर्माने का दायरा

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act) 2023 में डेटा उल्लंघनों के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान है। सबसे बड़ी पेनाल्टी 250 करोड़ रुपये तक हो सकती है। लेकिन यह जुर्माना किन पर लागू होता है? आइए समझते हैं।

डेटा फिड्यूशियरी (Data Fiduciary)

डेटा फिड्यूशियरी वह इकाई है जो डेटा प्रिंसिपल (व्यक्ति) के डेटा का उद्देश्य और साधन तय करती है। अगर वह डेटा सुरक्षा में चूक करती है, तो उस पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। उदाहरण के लिए, कोई ई-कॉमर्स कंपनी जो आपका डेटा लीक कर देती है।

डेटा प्रोसेसर (Data Processor)

डेटा प्रोसेसर फिड्यूशियरी की ओर से डेटा प्रोसेस करता है। अगर वह अनुबंध का उल्लंघन करता है या डेटा सुरक्षा में लापरवाही बरतता है, तो उस पर भी जुर्माना लग सकता है। हालांकि, प्राथमिक जिम्मेदारी फिड्यूशियरी की होती है।

बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और अधिकारी

एक्ट के तहत, कंपनी के निदेशक और अधिकारी भी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी हो सकते हैं, अगर वे डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहते हैं। यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि अब सिर्फ कंपनी ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

जुर्माने की गणना कैसे होती है?

जुर्माने की राशि उल्लंघन की गंभीरता, डेटा की संवेदनशीलता और प्रभावित व्यक्तियों की संख्या पर निर्भर करती है। डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ इंडिया (DPBI) इसका निर्धारण करेगा। अधिकतम जुर्माना 250 करोड़ रुपये है, लेकिन छोटे उल्लंघनों पर कम जुर्माना भी लग सकता है।

क्या आपकी कंपनी तैयार है?

अगर आपकी कंपनी डेटा प्रोसेस करती है, तो अब समय आ गया है कि आप DPDP Act 2023 के अनुपालन को गंभीरता से लें। डेटा सुरक्षा ऑडिट कराएं, प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट करें और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करें। याद रखें, जुर्माना सिर्फ कंपनी पर नहीं, बल्कि आप पर भी लग सकता है।

अधिक जानकारी के लिए, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की वेबसाइट देखें।

FAQ

DPDP Act 2023 के तहत अधिकतम जुर्माना कितना है?

अधिकतम जुर्माना 250 करोड़ रुपये (लगभग 30 मिलियन डॉलर) है, जो गंभीर डेटा उल्लंघनों पर लगाया जा सकता है।

क्या जुर्माना सिर्फ कंपनियों पर लगता है?

नहीं, जुर्माना डेटा फिड्यूशियरी, डेटा प्रोसेसर और यहां तक कि कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों पर भी लग सकता है।

जुर्माने की राशि कैसे तय होती है?

जुर्माने की राशि उल्लंघन की गंभीरता, प्रभावित व्यक्तियों की संख्या और डेटा की संवेदनशीलता के आधार पर डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ इंडिया द्वारा तय की जाती है।

📊 DPDP Act 2023: अधिकतम जुर्माना (करोड़ रुपये में)

डेटा फिड्यूशियरी
250
डेटा प्रोसेसर
200
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स
150

* जुर्माना उल्लंघन की गंभीरता पर निर्भर करता है। ये अधिकतम सीमाएं हैं।

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